पेशावर: पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सुरक्षा हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। बुधवार देर रात एक बार फिर पाकिस्तानी सेना को निशाना बनाकर किया गया हमला जानलेवा साबित हुआ। इस हमले में एक लेफ्टिनेंट अधिकारी सहित चार सैनिकों की मौत हो गई। हमले की जिम्मेदारी फिलहाल किसी समूह ने नहीं ली है।
सीमा के पास सुरक्षा चौकी पर हमला
हमला उत्तरी वजीरिस्तान के शवाल इलाके में हुआ, जो कि अफगानिस्तान की सीमा से सटा हुआ क्षेत्र है। सूत्रों के मुताबिक, हथियारबंद हमलावरों ने सेना की एक जांच चौकी पर अचानक हमला बोल दिया। गोलीबारी इतनी तीव्र थी कि मौके पर ही चार जवानों की जान चली गई।
अब तक इस घटना पर पाक सेना की मीडिया शाखा (ISPR) की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
जवाबी कार्रवाई में चार आतंकी ढेर
इसी दौरान, प्रांत के मूसाखेल जिले में एक अलग खुफिया ऑपरेशन के दौरान चार आतंकियों को भी ढेर कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, ये आतंकी राजमार्ग पर आईईडी (विस्फोटक उपकरण) लगाने की कोशिश कर रहे थे। ये सभी यात्री बसों पर हमले और अन्य आतंकी गतिविधियों में संलिप्त बताए जा रहे हैं।
सुरक्षा बल लगातार हमलों के निशाने पर
पिछले कुछ महीनों में खैबर पख्तूनख्वा आतंकवादी हमलों का गढ़ बन चुका है। पुलिस और सेना की गाड़ियों, चौकियों और गश्ती दलों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। इससे पहले डेरा इस्माइल खान जिले में भी पुलिस कर्मियों पर घातक हमला हुआ था जिसमें कई जवान हताहत हुए थे।
राष्ट्रीय सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न
लगातार हो रहे इन हमलों ने पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारों का मानना है कि अगर सीमावर्ती इलाकों में हालात नहीं सुधरे, तो यह देशव्यापी अस्थिरता को और बढ़ावा दे सकता है।
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