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जयपुर।
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मौजूदा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (एक्स) पर एक पोस्ट के जरिए सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए 10 अहम सवाल पूछे और कहा कि सरकार पूरी तरह फेल हो चुकी है। उन्होंने कहा कि लोगों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं और सरकार सिर्फ दिखावे में लगी है। साथ ही गहलोत ने इंटेलिजेंस एजेंसियों से साइलेंट सर्वे करवाने की भी मांग की।
गहलोत के 10 आसान शब्दों में सवाल:
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तीन बार चोरी हो चुकी विधायक के घर में
अगर एक विधायक के घर में तीन बार चोरी हो जाती है, तो आम लोगों का क्या हाल होगा? इससे साफ है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था बिगड़ चुकी है। -
इंटेलिजेंस से साइलेंट जांच करवाई जाए
सरकार अपनी इंटेलिजेंस एजेंसी से चुपचाप सर्वे करवाए और देखे कि विपक्ष जिन मुद्दों को उठा रहा है, उनमें सच्चाई है या नहीं। -
आईबी से कराएं सर्वे
सरकार को चाहिए कि अपनी एजेंसी IB (इंटेलिजेंस ब्यूरो) से सर्वे करवाए ताकि साफ हो सके कि चोरी, डकैती और कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष जो कह रहा है, वो सही है या नहीं। -
गांवों में कोई सुनवाई नहीं
जिलों और गांवों में सुनवाई नहीं हो रही। गुंडे और माफिया हावी हैं। लोग नहीं जानते कि शिकायत कहां करें। शिकायतों का सिस्टम पूरी तरह टूट चुका है। -
जनसुनवाई बंद, अधिकारी लापता
कलेक्टर और एसपी जनसुनवाई में नहीं बैठते। कलेक्टरों को रात में गांवों में रुकना चाहिए, पर ऐसा हो नहीं रहा। -
हमारी सरकार में भी कमियां थीं, पर अब आप जवाब दें
मैं यह नहीं कहता कि मेरे समय में सब अच्छा था, लेकिन अब सरकार आपकी है, तो जवाब भी आपको देना चाहिए। -
शिकायतें कौन सुनेगा?
थानों में, डीएसपी या एसपी को शिकायतें करने पर भी कोई सुनवाई नहीं हो रही। सरकार अपनी एजेंसी को कहे कि 15 दिन में रिपोर्ट दे और उस पर काम शुरू करें। -
पहली बार सीएम बने हैं, कुछ सीखिए
पहली बार मुख्यमंत्री बनने का सौभाग्य सबको नहीं मिलता। अगर जिम्मेदारी नहीं निभा पाए, तो जनता निराश होगी। -
परिवारवाद छोड़िए, पब्लिक प्रॉपर्टी बनिए
भजनलाल जी को चाहिए कि वे परिवारवाद छोड़ें। एक जनप्रतिनिधि को हमेशा जनता के लिए खुला रहना चाहिए। -
विपक्ष दुश्मन नहीं, सुझाव देने वाला है
विपक्ष सरकार का दुश्मन नहीं होता। उसकी बातों को गंभीरता से लेना चाहिए। हम विपक्ष में हैं, इसलिए हमारा धर्म है कि हम जनता की आवाज उठाएं।
गहलोत ने साफ कहा कि भजनलाल सरकार को चाहिए कि वो केवल बयानबाज़ी न करे, बल्कि जनता की बात सुने और ज़मीन पर बदलाव लाए। अब देखना होगा कि सरकार गहलोत के सवालों का क्या जवाब देती है।
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