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आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में शानदार प्रदर्शन कर भारत को जीत दिलाने वाले वैभव सूर्यवंशी इन दिनों खूब चर्चा में हैं। उनकी धमाकेदार बल्लेबाजी ने उन्हें भविष्य का बड़ा खिलाड़ी बना दिया है। लेकिन इसी बीच उनके पिता संजीव सूर्यवंशी ने एक साफ और कड़ा बयान दिया है।
“टेस्ट क्रिकेट ही असली पहचान है”
वैभव के पिता का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट खेले बिना कोई बड़ा क्रिकेटर नहीं बनता। उन्होंने कहा,
“जब तक मेरा बेटा टेस्ट क्रिकेट नहीं खेलेगा, मैं उसे बड़ा क्रिकेटर नहीं मानूंगा।”
उनके मुताबिक सीमित ओवरों में नाम जल्दी मिल जाता है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट धैर्य, फिटनेस और मानसिक मजबूती की असली परीक्षा होती है।
अभी लंबा सफर बाकी
संजीव सूर्यवंशी ने कहा कि वैभव को अभी लंबा रास्ता तय करना है। उसे शुरुआत से ही बड़ी सोच रखनी होगी और लगातार मेहनत करनी होगी।
परिवार और कोच का बड़ा योगदान
वैभव की सफलता के पीछे परिवार और कोच की अहम भूमिका रही है। उनके कोच मनीष ओझा बताते हैं कि लोकप्रियता बढ़ने के बाद भी परिवार ने वैभव को साधारण रहने की सीख दी।
वैभव खुद भी मानते हैं कि उन्हें अभी बहुत कुछ सीखना है और हर मैच को नई शुरुआत की तरह लेना चाहिए।
वर्ल्ड कप में धमाकेदार प्रदर्शन
अंडर-19 वर्ल्ड कप में वैभव ने शानदार खेल दिखाया।
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फाइनल में 80 गेंदों पर 175 रन बनाए
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15 चौके और 15 छक्के लगाए
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स्ट्राइक रेट रहा 218.75
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सेमीफाइनल में भी तेज बल्लेबाजी कर टीम को बड़ा लक्ष्य हासिल करने में मदद की
निष्कर्ष
वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा ने सभी को प्रभावित किया है, लेकिन उनके पिता का साफ संदेश है—
असली महानता टेस्ट क्रिकेट से आती है।
अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि वैभव आगे चलकर टेस्ट क्रिकेट में खुद को कैसे साबित करते हैं।
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