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डॉक्टर और हेल्थ एक्सपर्ट लगातार चेतावनी देते हैं कि दिल की बीमारी आज भी दुनिया में मौत की बड़ी वजह है। भारत में भी हालात चिंताजनक हैं। इंडियन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, हार्ट अटैक अब सिर्फ बुज़ुर्गों तक सीमित नहीं रहा—युवाओं में भी इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
फिल्मों जैसा नहीं होता असली हार्ट अटैक
अक्सर लोग सोचते हैं कि हार्ट अटैक अचानक तेज़ सीने के दर्द के साथ आता है। लेकिन हकीकत में ऐसा हमेशा नहीं होता। कई बार शुरुआती लक्षण इतने हल्के होते हैं कि लोग उन्हें गैस, बदहजमी या मांसपेशियों का दर्द समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। डॉक्टरों का कहना है—“टाइम इज मसल” यानी जितनी जल्दी लक्षण पहचाने जाएंगे, उतना ज्यादा दिल को नुकसान से बचाया जा सकता है।
सबसे आम शुरुआती लक्षण
ज्यादातर लोगों में पहला संकेत सीने में परेशानी होती है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि तेज़ दर्द ही हो। जैसे—
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सीने में भारीपन या जकड़न, जैसे कोई वजन रख दिया गया हो
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सीने के बीचों-बीच भरा-भरा सा अहसास
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दर्द या असहजता जो कुछ मिनट रहे या बार-बार आए-जाए
दर्द सिर्फ सीने तक सीमित नहीं
यह एक आम गलतफहमी है। कई बार दर्द या परेशानी इन हिस्सों में भी महसूस हो सकती है—
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बायां हाथ (कभी-कभी दोनों हाथ)
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जबड़ा और गर्दन (अक्सर लोग इसे दांत दर्द समझ लेते हैं)
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पीठ, खासकर कंधों के बीच का हिस्सा
साइलेंट लक्षण भी हो सकते हैं
कुछ लोगों में, खासकर महिलाओं, बुज़ुर्गों और डायबिटीज के मरीजों में दर्द बिल्कुल नहीं भी हो सकता। इसके बजाय ये संकेत दिख सकते हैं—
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अचानक बहुत ज्यादा थकान
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बिना मेहनत के सांस फूलना
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मतली, उलटी जैसा मन या ठंडा पसीना
अक्सर लोग इन्हें फ्लू या फूड पॉइजनिंग समझ लेते हैं, जो खतरनाक हो सकता है।
सबसे जरूरी सलाह
अगर कमर से ऊपर शरीर में कोई भी अचानक, अजीब या असामान्य लक्षण महसूस हो, तो इंतजार न करें। यह सोचकर न बैठें कि अपने-आप ठीक हो जाएगा। तुरंत इमरजेंसी सेवा को कॉल करें। सही समय पर उठाया गया कदम आपकी जान बचा सकता है।
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